प्रस्तुत है *आचार्य श्री ओम शङ्कर जी* का आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी विक्रमी संवत् २०८२ तदनुसार 14 फरवरी 2026 का सदाचार संप्रेषण
*१६६१ वां* सार -संक्षेप
मुख्य विचारणीय विषय क्रम सं १४३
हमें सद्विचारों के माध्यम से आत्मशक्ति अर्जित करने का सतत् प्रयास करना चाहिए, ताकि हमारे भीतर उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। उत्साह से परिपूर्ण होकर ही हम किसी भी कार्य की रूपरेखा स्पष्ट रूप से निर्धारित करने तथा उसे सुव्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित करने में सक्षम बन सकते हैं
आचार्य जी नित्य हमें प्रेरित कर रहे हैं ताकि हम अपने वास्तविक स्वरूप और मनुष्यत्व का बोध कर सकें। इसके लिए वे आर्ष साहित्य के अध्ययन में रुचि जाग्रत करने तथा सनातन परम्परा के आचरण में शिथिलता न आने देने का अद्भुत प्रयास कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यह है कि हमारा मानस दासत्व की मानसिकता से मुक्त रहे और समाज में विकृतियाँ परम्परा का रूप न धारण कर लें। वे हमें सजग, आत्मगौरवयुक्त और सांस्कृतिक रूप से जाग्रत रहने की शिक्षा दे रहे हैं। इस प्रकार की प्रेरणा को वे हनुमत् कृपा का ही प्रसाद मानते हैं।
भारत में सत्य और असत्य का संघर्ष निरंतर चल रहा है
‘भारत’ शब्द का अर्थ है जो ‘भा’ अर्थात् प्रकाश, ज्ञान और चेतना में रत हो। यद्यपि समय-समय पर दुष्ट प्रवृत्तियों ने अज्ञान और अंधकार को फैलाने का प्रयास किया है, तथापि इस राष्ट्र की विशेषता अद्वितीय रही है। हमारी परम्परा, सांस्कृतिक चेतना और आत्मशक्ति इतनी समर्थ है कि जब भी अधर्म या अंधकार बढ़ा है, तब किसी न किसी महापुरुष का उदय हुआ है, जिसने प्रकाश, सत्य और धर्म के माध्यम से उसका निवारण किया है। यही हमारे देश की जीवंतता और आध्यात्मिक सामर्थ्य का प्रमाण है।
वैदिक ज्ञान को विकृत करने का कुचक्र चला उसे हम स्वीकरते गये
हम उसे विकृति से बचाने के लिए सक्रिय नहीं हुए, केवल दर्शक बने रहे।
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे..
हम भावुक हो जाते हैं किन्तु उस भावुकता को सुरक्षित नहीं कर पाते आचार्य जी परामर्श दे रहे हैं कि उसे सुरक्षित करने हेतु समय सारणी बना लें l
इसके अतिरिक्त आचार्य जी ने श्री सुरेश सोनी जी का उल्लेख क्यों किया, आज कौन सी दो बैठकें हैं,एक सूत्र में बंधने का क्या उपाय है, हम अधिवेशन क्यों करते हैं, भगिनी निवेदिता के किस लेख की चर्चा हुई जिसके अनुसार एक उपाय से राष्ट्र के पुनरुत्थान की गति अनन्तगुणित हो जाएगी शिक्षा में क्या आवश्यक है जानने के लिए सुनें