27.9.26

प्रस्तुत है *आचार्य श्री ओम शङ्कर जी* का आज आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा विक्रमी संवत् २०८३ तदनुसार 27 सितंबर 2026 का सदाचार संप्रेषण *१८८५ वां* सार -संक्षेप

 प्रस्तुत है *आचार्य श्री ओम शङ्कर जी* का आज आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा विक्रमी संवत् २०८३  तदनुसार 27 सितंबर 2026 का सदाचार संप्रेषण

  *१८८५ वां* सार -संक्षेप


संख्या, अनुशासन, प्रेम और आत्मीयता की दृष्टि से कल नई दिल्ली में संपन्न हुआ कार्यक्रम अति प्रशंसनीय रहा l १९७५ हाईस्कूल बैच से २०२६ इंटर बैच तक उपस्थित सभी सदस्य अत्यन्त उत्साहित रहे l भाव और भावना को विशेष महत्त्व दिया गया l कार्यक्रम में व्यवधान आये किन्तु उनसे हम हताश नहीं हुए l

आज युगभारती अधिवेशन का उद्घाटन और समापन दोनों है l हम अपनी सनातन परम्परा की अखण्ड धारा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाते हुए, उसके क्रम को अविच्छिन्न बनाने के प्रयास में रत हैं हमारा लक्ष्य है राष्ट्र को परम वैभव पर पुनः पहुंचाना l हम लोग रामात्मक शक्ति लेकर सनातनधर्मी समाज की निराशा, हताशा, भय और भ्रम को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं l इसी विचार के विस्तार के लिए ही हम एकत्र हुए हैं क्योंकि संगठन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होता है l संघे शक्तिः कलौ युगे l 

लगभग ३५ करोड़ रुपये की लागत वाली किस योजना की आचार्य जी ने चर्चा की, मानस, जो हमें शक्ति शौर्य की अनुभूति कराता है,में आज आचार्य जी ने क्या बताया जानने के लिए सुनें l